शक्ति संसाधन क्या है ? उपयोग स्तर , उपयोगिता , समय, स्रोत की स्थिति और संरचनात्मक गुण के आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण ।।
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| शक्ति संसाधन क्या है ? |
शक्ति संसाधन
शक्ति संसाधन क्या है
वैसे संसाधन जिससे ऊर्जा की प्राप्ति होती है शक्ति संसाधन कहलाते हैं । जैसे :- कोयला, पेट्रोलियम , प्राकृतिक गैस इत्यादि।
हम अपने दैनिक जीवन में प्राया शक्ति संसाधन का उपयोग करते ही हैं चाहे वह वाहन चलाने से लेकर घरों व दुकानों में बल्ब जलाने तक ही क्यों ना हो । शक्ति संसाधन का हमारे जीवन में विशेष महत्व है । इसके विभिन्न स्रोत भी होते हैं । जिनके बारे में हम विस्तृत वर्णन शक्ति संसाधन के वितरण को स्पष्ट करते हुए करने वाले हैं ।
वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत
वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत क्या है
कोयला , पेट्रोलियम , प्राकृतिक गैस, जल विद्युत एवं आणविक ऊर्जा स्रोतों को वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत कहा जाता है । क्योंकि वर्तमान समय में शक्ति अथवा ऊर्जा के स्रोत ही विकास और औद्योगीकरण के आधार हैं।
शक्ति संसाधन का वर्गीकरण
शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें।
शक्ति संसाधन को मुख्यता पांच ( 5) आधार पर वर्गीकृत किया गया है । जो निम्नलिखित है :-
- उपयोग स्तर के आधार पर
- उपयोगिता के आधार पर
- समय के आधार पर
- स्रोत की स्थिति के आधार पर
- संरचनात्मक गुण के आधार पर
उपयोग स्तर के आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें ।
उपयोग स्तर के आधार पर शक्ति संसाधन को दो भागों में बांटा गया है :-
- सतत शक्ति
- समापनीय शक्ति
सतत शक्ति :- वैसे शक्ति संसाधन जो असमाप्य एवं अक्षय स्रोत होते हैं , सतत शक्ति संसाधन कहलाते हैं । जैसे सूर्य का प्रकाश, भूमिगत उष्मा , पवन, प्रवाहित जल इत्यादि।
समापनीय शक्ति :- वैसे शक्ति संसाधन जो क्षयशील एवं समाप्य होते हैं, समापनीय शक्ति संसाधन कहलाते हैं । जैसे कोयला , पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस आदि।
उपयोगिता के आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें।
उपयोगिता के आधार पर शक्ति संसाधन दो प्रकार के होते हैं :-
- प्राथमिक ऊर्जा
- गौण ऊर्जा
प्राथमिक ऊर्जा :- वैसे शक्ति संसाधन जो प्रकृति में पाए जाते हैं , प्राथमिक ऊर्जा संसाधन कहलाते हैं। उदाहरण :- कोयला, पेट्रोलियम , प्राकृतिक गैस, रेडियोधर्मी खनिज आदि।
गौण ऊर्जा :- वैसे शक्ति संसाधन जो प्राथमिक ऊर्जा से प्राप्त किए जाते हैं , गौण ऊर्जा संसाधन कहलाते हैं। उदाहरण :- विद्युत।
समय के आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें
समय के आधार पर शक्ति संसाधन को दो भागों में बांटा गया है जो निम्नलिखित हैं
- पारंपरिक शक्ति संसाधन
- गैर पारंपरिक शक्ति संसाधन
पारंपरिक शक्ति संसाधन :- वैसे शक्ति संसाधन जिनका उपयोग प्राचीन समय से हो ही रहा है , पारंपरिक शक्ति संसाधन कहलाता है। जैसे :- कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस इत्यादि।
गैर पारंपरिक शक्ति संसाधन :- वैसे शक्ति संसाधन जिनका उपयोग प्राचीन समय से नहीं हो रहा है , गैर पारंपरिक शक्ति संसाधन कहलाता है। जैसे :- सूर्य , पवन, ज्वार , परमाणु ऊर्जा और गर्म झरने आदि।
स्रोत की स्थिति के आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें।
स्रोत की स्थिति के आधार पर शक्ति संसाधन दो प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित हैं :-
- क्षयशील ऊर्जा संसाधन
- अक्षय ऊर्जा संसाधन
क्षयशील ऊर्जा संसाधन :- वैसे शक्ति संसाधन जो समाप्य होते हैं और जिनका पुनः चक्रण लाखों करोड़ों वर्षों बाद होता है क्षयशील शक्ति संसाधन कहलाता है । उदाहरण :- कोयला , पेट्रोलियम , प्राकृतिक गैस और आणविक खनिजों इत्यादि।
अक्षय ऊर्जा संसाधन :- वैसे शक्ति संसाधन जिनका पुनः चक्रण संभव नहीं है और असमाप्य होते हैं , अक्षय ऊर्जा संसाधन कहलाता है । उदाहरण :- सूर्य का प्रकाश ।
संरचनात्मक गुणों आधार पर शक्ति संसाधन का वर्गीकरण करें ।
संरचनात्मक गुणों के आधार पर शक्ति संसाधन दो प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित हैं :-
जैविक ऊर्जा स्रोत :- वैसे शक्ति संसाधन जो मानव एवं प्राणी से प्राप्त होता है , जैविक ऊर्जा स्रोत कहलाता है । उदाहरण :- मानव शक्ति ।
अजैविक ऊर्जा स्रोत :- वैसे शक्ति संसाधन जो निर्जीव वस्तुओं से प्राप्त होते हैं अजैविक ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं। उदाहरण पवन शक्ति जल शक्ति इत्यादि।

