अभ्रक क्या है ?
अभ्रक एक अधात्विक और अकार्बनिक खनिज है । भारत में अभ्रक का वितरण काफी असमान है । इसका हमारे दैनिक जीवन में विशेष महत्व है।
अभ्रक के क्या उपयोग हैं ?
अभ्रक का उपयोग प्राचीन समय से ही आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में किया जाता है। यह विद्युत रोधक होता है जिस कारण यह उच्च विद्युत शक्ति को सहन कर सकता है। इसलिए अभ्रक का उपयोग विद्युत उपकरणों में भी किया जाता है। इसके साथ-साथ इसका उपयोग सजावटी वस्तुओं के निर्माण में भी किया जाता है। विभिन्न समारोह में भी अभ्रक का उपयोग किया जाता है।
अभ्रक के प्रमुख उपयोग हैं
- आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में
- विद्युत उपकरणों में
- सजावटी वस्तुओं के निर्माण में
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भारत में अभ्रक का वितरण
अन्य खनिजों की तरह ही भारत में अभ्रक का वितरण काफी असमान है। भारत में अभ्रक का कुल भंडार 59065 टन है । भारत में उत्पादन की दृष्टि से अभ्रक निक्षेप की तीन पेटियां हैं। जो बिहार - झारखंड , आंध्र प्रदेश और राजस्थान राज्य में पाई जाती है । 2002-2003 में इसका उत्पादन 1217 टन था जो निम्न प्रकार से है :-
बिहार झारखंड :- भारत में अभ्रक का सर्वोत्तम कोटि रूबी का उत्पादन बिहार-झारखंड में ही होता है । बिहार में अभ्रक का उत्पादन गया , मुंगेर , भागलपुर जिला और झारखंड में हजारीबाग , धनबाद , पलामू इत्यादि जिलों में होता है । बिहार-झारखंड भारत का 80% अभ्रक उत्पादन करता है।
आंध्र प्रदेश :- आंध्र प्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा अभ्रक उत्पादक राज्य है। आंध्र प्रदेश में अभ्रक का उत्पादन नेल्लोर जिले से होता है।
राजस्थान :- भारत का तीसरा सबसे बड़ा अभ्रक उत्पादक राज्य है। यहां अभ्रक का उत्पादन जयपुर , उदयपुर , भीलवाड़ा , अजमेर आदि जिलों में होता है।
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