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कोयला क्या है ? कोयला हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है ? कोयले का वर्गीकरण ।।

 कोयला क्या है ? कोयला हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है ? कोयले का वर्गीकरण ।।

कोयला


    कोयला क्या है ?

    कोयला एक महत्वपूर्ण शक्ति संसाधन है । इससे हमें भारी मात्रा में ऊर्जा की प्राप्ति होती है। जिससे हम विभिन्न प्रकार के वैद्युत यंत्रों का संचालन कर पाते हैं । साथ ही साथ  इंधन के रुप में भी कोयले का उपयोग निरंतर किया जा रहा है। कोयला हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । कोयले को आधुनिक औद्योगीकरण की जान्नी मानी जाती है। 

    Jankaarihai
    Coal


    कोयला एक वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत के रूप में

    कोयला एक वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत है। कैसे ?

    पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस , जलविद्युत और आणविक ऊर्जा स्रोतों की तरह ही कोयला भी एक वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत है । क्योंकि आधुनिक समय में भी कोयले का उपयोग शक्ति अथवा ऊर्जा के स्रोत के रूप में किया जाता है , जिसे औद्योगिकरण का आधार माना जाता है।

    कोयले का महत्व

    कोयले का हमारे जीवन में क्या महत्व है ?

    वास्तविकता तो यह है कि कोयले के बिना हमारा औद्योगिक क्षेत्र ज्यों का त्यों रुक जाएगा । प्राचीन काल से आज तक कोयला एक वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य कर रहा है । जिसने हमारे औद्योगिकरण की प्रक्रिया को काफी तीव्र कर दिया है । हमें कोयले का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए क्योंकि यह हमारे लिए जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक हमारी आने वाली समाज के लिए भी है इसलिए शक्ति संसाधन के रूप में हमें इसका संरक्षण करने पर बल देना चाहिए।

    कोयले का वर्गीकरण

    कोयले का वर्गीकरण करें।

    कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले को विभिन्न वर्गों में बांटा जाता है । कुछ कोयले उच्च कोटि के होते हैं तो कुछ निम्न कोटि के । उच्च कोटि का कोयला हमारे लिए काफी फायदेमंद होता है । जबकि निम्न कोटि का कोयला अधिक मात्रा में धुआं उत्पन्न करता है चलिए जानते हैं कोयले के विभिन्न वर्गों को ।

    कोयले को मुख्यतः 4 वर्गों में बांटा गया है :- 

    एंथ्रासाइट

    बिटुमिनस

    लिग्नाइट

     पीट

    एंथ्रासाइट :-  एंथ्रासाइट सर्वोच्च  कोटि का कोयला होता है । इस में कार्बन की मात्रा 90% से अधिक होती है । यह जलने पर अत्यंत कम धुआं और अत्यधिक उष्मा प्रदान करता है।  इसलिए इसे कोकिंग कोयला की संज्ञा भी दी गई है।


    बिटुमिनस :-  बिटुमिनस मध्यम कोटि का कोयला होता है।  बिटुमिनस में कार्बन की मात्रा 70 से 90% होती है ‌। इसे परिष्कृत करके कोकिंग कोयला भी बनाया जा सकता है।

    लिग्नाइट :- लिग्नाइट निम्न कोटि का कोयला होता है। लिग्नाइट में कार्बन की मात्रा 30% से 70% तक होती है । यह जलने पर अधिक धुआं  उत्पन्न करता है।  इसे भूरा कोयला भी कहा जाता है।

    पीट :-  पीट अत्यंत निम्न कोटि का कोयला होता है । इस में कार्बन की मात्रा लगभग 30% या उससे भी कम होती है । यह अत्यंत निम्न कोटि का कोयला होता है । जिस कारण जलने पर अधिक से अधिक धुआं उत्पन्न करता है । इसे प्राप्त ऊष्मा की मात्रा नगण्य होती है।

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